जिला परिषद श्रीगंगानगर में रहे एक बड़े अधिकारी के नाम से गुरुवार को एक आडियो वायरल हुआ। आडियो में दो लोगों की बातचीत है, जिसमें घोटाले की जांच दबाने के लिए 15 लाख रुपए देने का दावा किया गया है। बातचीत में वह धमका रहा है कि उसका काम नहीं हुआ, इसलिए 15 लाख रुपए उसे लौटाए जाएं। इस बारे में सीईओ टीना डाबी ने कहा कि ऐसी आडियो की जानकारी मिली है। इसकी जांच करवाएंगे।

उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में श्रीविजयनगर बीडी़ओ के खिलाफ झूठे बयान नहीं देने पर ग्राम विकास अधिकारी वेद प्रकाश स्वामी के खिलाफ इन्हीं सीईओ ने कार्रवाई करते हुए उनके पांच साल के कार्यकाल की जांच के लिए पहले तो कमेटी बनाई, फिर एक ही दिन में जांच पूरी भी दिखाकर निलंबित करते हुए 16 सीसी की चार्जशीट जारी कर दी। निलंबन के विरूद्ध स्वामी ने हाईकाेर्ट में चुनाैती दी। काेर्ट ने सीईओ की कार्रवाई काे द्वेषतापूर्वक की गई कार्रवाई मानते हुए निलंबन पर स्टे जारी कर दिया था। यह मामला भी चर्चा में रहा था।

दावा- भ्रष्टाचार नहीं किया, फिर भी नौकरी खराब करने की धमकी देते

कार्मिक: जिला परिषद के एक पूर्व उच्च अधिकारी को दी रिश्वत के 15 लाख रुपए वापस करो।

गजेंद्रसिंह: पुरानी तारीख में ऑर्डर करवा देंगे।

कार्मिक: मुझे ऑर्डर नहीं मेरे रुपए वापस चाहिए। किसी कीमत पर नहीं छाेडूंगा। मैं ताे बर्बाद हाे गया, मुझे जिन्हाेंने बर्बाद किया, मैं अब उन्हें नहीं छाेड़ूगा। उधार लेकर रुपए दिए हैं। अधिकारी कहता था मेरे बेटी दामाद आईपीएस हैं। कह देना उन्हें भी बचा ले उसे। मैंने आप काे तीन व्यक्तियाें के सामने कार में रुपए गिनाए थे।
गजेंद्रसिंह: मैंने रुपए गिने नहीं।

कर्मिक:250 नाेट 2000 के, एक लाख रुपए के 100-100 के नोट व नाै लाख रुपए 500-500 के नाेट के रूप में दिए थे। मैंने काेई भ्रष्टाचार नहीं किया। फिर भी मेरी नाैकरी खराब करने की धमकी देकर मुझे ब्लैकमेल कर रुपए ले लिए। अब उस अधिकारी का ट्रांसफर भी हो चुका है। अब मुझे हर हाल में मेरे रुपए वापस चाहिए। आपने कहा था तीन जनाें को छोड़कर किसी को भी इस लेनदेन की जानकारी नहीं होनी

चाहिए, मैंने अपने नजदीकी व्यक्ति बबलू सिंह को भी नहीं बताया। मुझे किसी से कोई मतलब नहीं है, मैंने पैसे आपको दिए हैं। समुंदर सिंह काे पास में बैठाकर जिला परिषद के पूर्व उच्चअधिकारी झूठी शिकायतें लिखवाता था। जिसकी मुझे भी जानकारी है।

गजेंद्रसिंह: वह उनका काम करवाएगा।
कार्मिक: तीन या चार दिन का समय ले लाे, या दस दिन का लेकिन रुपए नहीं छाेड़ूंगा। (भास्कर के पास पूरा ऑडियो है। चूंकि आरोपी अधिकारी से बात नहीं हुई। इसलिए उनका नाम नहीं छापा जा रहा है।)

पहले भी विवादाें में रहे हैं जिला परिषद अधिकारी, एक वीडीअाे से तो खेत में बेगार के फोटो भी हुए थे वायरल, इसकी भी जांच जारी

श्रीगंगानगर जिला परिषद में रहे कई अधिकारियों का विवादों से नाता रहा है। इससे पहले निलंबित ग्राम विकास अधिकारी के कई फोटो वायरल हुए थे, जिसमें वह दावा करता है कि एक अधिकारी उससे खेत में बेगार ले रहे हैं। निलंबित वीडीअाे सुखपाल यादव ने इस बारे में कलेक्टर के समक्ष पेश हाेकर तत्कालीन सीईओ पर बहाल करने का झांसा देकर अपने खेत में बेगार लेने व मजदूरी का भुगतान करवाने का अाराेप लगाया था। कलेक्टर ने भी मामले की गंभीरता से लेते हुए एडीएम प्रशासन गंुजन साेनी काे इसकी जांच साैंपी थी। एडीएम ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है।

दावा- भ्रष्टाचार नहीं किया, फिर भी नौकरी खराब करने की धमकी देते
जिला परिषद आईएएस सीईओ टीना डाबी ने बताया कि एक ऑडियाे वायरल हुआ है। यह किस कार्मिक से संबंधित है, इसकी जांच करवाएंगे।



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Returned Rs 15 lakh given in bribe, I was ruined, I will not leave them now
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