कोविड-19 के तहत लॉकडाउन लागू होने के बाद इन दिनों पूरा देश अनलॉक ही ओर बढ़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की गाइड लाइंस के अनुसार विभिन्न धार्मिक स्थल भी खुल चुके हैं और बहुत से खुलने के अंतिम दौर में हैं। ईसाई धर्म की तीनों शाखाओं प्रोटेस्टेंट, कैथोलिक और ऑर्थोडॉक्स के राजधानी में करीब 170 और प्रदेशभर में 4500 चर्च भी अनलॉक की ओर बढ़ चुके हैं। गाइड लाइन के तहत मास्क और सैनिटाइजर की अनिवार्यता, प्रेगनेंट लेडीज,10 वर्ष से छोटे बच्चे और 60 साल से अधिक के बुजुर्गों के चर्च में प्रेयर के लिए आने पर प्रतिबंध लागू है, साथ ही कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कुछ नए कदम भी ऐहतियात के रूप में उठाए गए हैं।

राजधानी में चांदपोल स्थित सबसे पुराने करीब 106 वर्ष पुराने सेंट एंड्रयूज प्रोटेस्टेंट चर्च, घाटगेट स्थित सेंट मैरी कैथोलिक चर्च समेत अन्य प्रमुख चर्च के प्रतिनिधियों ने कोरोना से बचाव को ही हथियार मानते हुए विभिन्न ऑनलाइन प्लेफॉर्म्स पर ही प्रेयर करना, धार्मिक उपदेश और प्रभु का संदेश देना शुरू कर दिया है। चर्च में सोशल डिस्टेंसिंग की भी पूरी पालना की जा रही है।

चर्च में किसी भी वस्तु को हाथ लगाना मना, हर संडे दाे सेशन में की जा रही है प्रेयर

घाटगेट स्थित सेंट मैरी चर्च के साथ-साथ प्रत्येक चर्च में संडे को दो शिफ्ट्स में हर बेंच पर अब केवल दो लोग और वे भी 5-5 फीट की दूरी बनाकर प्रेयर कर सकेंगे। उन्हें अपने घर से बाइबल भी साथ लानी होगी। हर चर्च में बेंच की संख्या के अनुसार निर्धारित श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रेयर में आने और वापस जाने के रास्ते भी अलग-अलग होंगे। प्रत्येक चर्च में किसी भी वस्तु को छूने या हाथ लगाने पर पाबंदी लगाई गई है, साथ ही होली वाॅटर स्प्रे, कैंडल लाइटिंग के साथ-साथ फ्लॉवर-गिफ्ट अथवा किसी भी प्रकार की ऑफरिंग भी पूरी तरह से बैन की गई है। प्रेयर के हर सेशन के बाद पूरे चर्च परिसर को सैनिटाइज किया जाएगा। शू-रैक्स व पार्किंग स्टैंड को भी पूरी तरह से सैनिटाइज कर कोरोना मुक्त रखा जाएगा।
-बिशप ओसवाल्ड लुइस, प्रेसिडेंट, द लेबर कमीशन ऑफ कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस, इंडिया

कोरोना के बाद ही फिर दिखेगी चर्च में ऐसी तस्वीर

22 मार्च से प्रदेशभर में लॉकडाउन लागू हुआ। उससे पहले चांदपाेल स्थित सेंट एंड्रूज चर्च में ली गई यह तस्वीर, एक उम्मीद जगा रही है कि जल्द ही कोरोना का खत्मा होगा और ऐसे ही सभी मिलकर प्रभु की आराधना कर सकेंगे।

जहां सत्य की चर्चा, वहीं सच्चा चर्च, कोरोना को हराने के लिए घर में रहें

जहां दो लोग भी सत्य पर आधारित बात करते हैं, वह स्थान स्वत: ही चर्च बन जाता है। बाइबल में प्रभु यीशु ने कहा है कि सत्य के कारण दया, करुणा और क्षमा का भाव अपने आप ही पनपता है और कोरोना संक्रमण काल में यह बात और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि सरकार ने ऐहतियात के साथ धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत दी है, लेकिन सभी अनुयायियों से चर्च द्वारा घरों में रह कर ही प्रेयर करने, प्रभु का स्मरण करने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए ही आराधना करने का अनुरोध किया जा रहा है।
-पास्टर विजय पाल, लिविंग क्रिश्चन मूवमेंट फैलोशिप चर्च (प्रोटेस्टेंट)



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जयपुर. चांदपाेल स्थित जयपुर का करीब 105 साल पुराना और ऐतिहासिक सेंट एंड्रूज कैथोलिक चर्च।
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