यूनेस्को को भाया पूरा परकोटा अतिक्रमण से जख्मी है, 25 प्रतिशत हिस्से से इसकी प्राचीन-मजबूत दीवार गायब है, 30 प्रतिशत हिस्से में रसूख, भ्रष्टाचार और खुद सरकारी अतिक्रमण हुए पड़े हैं। इन पर तत्काल कोई फैसला लेने के बजाए केवल और केवल घाटगेट दरवाजे को ठीक करने के लिए टेंडर लगाए गए हैं। जबकि पास ही चार दरवाजा और इसकी जुड़ी ऐतिहासिक दीवार जर्जर है।
इन हालात को ठीक करने के लिए स्मार्ट सिटी सीईओ, हेरिटेज से जुड़े अफसर डीपीआर को अपडेट करने की बात कर रहे हैं। सवाल उठता है कि अगर ऐसा ही है तो फिर थोड़े से हिस्से की बुकिंग से क्या लाभ? वहीं डीपीआर के बाद होने वाले संरक्षण कार्यों से पहले अतिक्रमण हटाने का एक्शन प्लान क्यों नहीं बन रहा।
भास्कर ने एक बार फिर हाईकोर्ट में पेश हुई रिपोर्ट और पुरानी डीपीआर को खंगाला तो सामने आया कि परकोटे के साथ ही इसको अलग पहचान और संपूर्ण बनाने वाले सभी ऐतिहासिक दरवाजों के हालात खराब हैं। कहीं इनको चरपेटा देते हुए ईंटों की दीवार और मकान बना लिए गए तो कहीं पर सरकारी कारिंदों ने आंख मींच इन पर बिजली को पोल, टावर आदि ठोक दिए। इससे न केवल इनकी खूबसूरती को बट्टा लग रहा है, बल्कि गौरवशाली इतिहास पर कालिख पुती हुई है।
दीवार, दरवाजों के बाद ऐतिहासिक बरामदों-बाजारों पर सिस्टम फेल
दीवार और दरवाजों को छोड़कर स्मार्ट सिटी द्वारा ऐतिहासिक बरामदों में जो काम शुरू किया गया है, वहां भी हेरिटेज संरक्षण का फार्मूला धराशायी है। पिछले दिनों संबंधित व्यापारियों के साथ हुई बैठक में इस ओर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। परकोटे में जहां हेरिटेज संरक्षण के साथ जीर्णोद्धार होने चाहिए, वहीं स्मार्ट सिटी के नाम पर अफसर-इंजीनियर हमारी धरोहरों को बिगाड़ रहे हैं। जरूरी कार्यों की प्राथमिकता तय नहीं हो रही।
हालात इसलिए न इंजीनियरों को हेरिटेज कार्यों का अनुभव, न अफसरों को इसकी वेल्यू
परकोटे में जो काम फर्मों को सौंपा गया है, उसकी देखरेख करने वाले इंजीनियर ही इस काम के अनुभवी और जानकार नहीं हैं। ऐसे में कोरी बुकिंग और काम के साथ पैसे ही बर्बादी बढ़ रही है। निगम-स्मार्ट सिटी में हेरिटेज की पोस्ट पर बैठे अफसरों को भी हेरिटेज संरक्षण का लेषमात्र अनुभव और जानकारी है। हेरिटेज संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों ने इस बारे में शिकायतें की है। मसला अब सरकार को आगे आकर इस ओर गंभीरता बरतने का है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें