बूंदी के कापरेन एसएचओ बुद्धिप्रकाश नामा की कोरोना से हुई मौत के बाद बूंदी पुलिस उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देना भूल गई। बूंदी एसपी शिवराज मीणा ने कोरोना प्रोटोकॉल के चलते अपने ही साथी काे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देना उचित नहीं समझा। खेड़ारसूलपुर गांव में शनिवार को अंतिम संस्कार के समय जनप्रतिनिधि नाराज हुए तो मौके पर मौजूद डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने कोरोना का बहाना बनाकर बात टाल दी।

बाद में कोटा ग्रामीण एसपी शरद चौधरी ने कैथून पुलिस को आदेश दिया, जिसके बाद जवानों व सीआई राजेश सोनी ने नामा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बूंदी एसपी तो मौके पर तब पहुंचे जब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी, उनके पहले तो डीआईजी रविदत्त गौड़ पहुंच गए।
बूंदी जिले के कापरेन थानाधिकारी बुद्धिप्रकाश नामा की शुक्रवार रात कोरोना से मौत हो गई थी। वे 7 दिनों से मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे। नामा कैथून के खेड़ारसूलपुर के रहने वाले थे और कोटा में लंबे समय तक पाेस्टेड रह चुके हैं। नियमानुसार ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी की मृत्यु होने पर राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई दी जाती है। यह भी तय किया जाता है कि जिस जिले का पुलिसकर्मी है, वहां की पुलिस राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार करवाए।

एक्सपर्ट : शहीद काे राजकीय सम्मान न देने पर एसपी पर हाे सकती है कार्रवाई
यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है कि अपने मातहत शहीद पुलिसकर्मी को पुष्पचक्र तक न चढ़ाओ। डीजीपी और प्रदेश सरकार इस विषय पर संज्ञान लेकर एसपी पर कार्रवाई कर सकती है। मैं तो कहता हूं कि कठोर कार्रवाई होनी तय मानिए। यह कोई छोटी-मोटी लापरवाही नहीं है। जो अधिकारी पुलिस की भावना का सम्मान न करे उससे जनता क्या उम्मीद करेगी।

हमारी पूरी संवेदना नामाजी के परिजनों के प्रति है। उन्हें पूरी तरह से जैसा देना चाहिए वैसा राजकीय सम्मान दिया गया है। कोटा ग्रामीण पुलिस ने दिया तो वो कोटा रेंज में आती है इसलिए हमारी जगह उन्होंने दिया, इसमें कोई गलत बात तो नहीं है। मैं लेट पहुंचा तो वो सिर्फ इसलिए क्योंकि मुझे देर तक रुकना था और परिजनों से मिलना था। शिवराज मीणा, बूंदी एसपी

बूंदी राजकीय सम्मान दे या कोटा ग्रामीण उससे फर्क नहीं पड़ता। मैं खुद अंतिम विदाई में शामिल हुआ। लेकिन, जो यह घटनाक्रम और सम्मान न देने के पहले से किए गए निर्णय की बात आप बता रहे हो यह मुझे नहीं पता। ऐसा हुआ है तो वाकई बहुत गलत हुआ है। मैं बूंदी व कोटा ग्रामीण एसपी से बात करके हकीकत पता करूंगा। रविदत्त गौड़, डीआईजी कोटा रेंज

हां, ऐन मौके पर राजकीय सम्मान की व्यवस्था की गई। हालांकि ये व्यवस्था बूंदी पुलिस को करनी चाहिए थी। ग्रामीण एसपी शरद चौधरी के कहने पर मैंने गार्ड ऑफ ऑनर की व्यवस्था की थी। थाने के जाब्ते से सलामी दिलवाई थी। मुझे पहले से इसकी सूचना नहीं थी, अंत समय पर यह कार्य किया गया।
राजेश सोनी, कैथून सीआई

मौके पर राजकीय सम्मान की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई तो दुखी व आक्रोशित होना स्वाभाविक था। मैंने केपाटन डीएसपी से यह बात की तो वे बोले कि कोरोना गाइड लाइन में सशस्त्र सलामी के आदेश ही नहीं हैं। उसके बाद मैंने काेटा ग्रामीण एसपी शरद चौधरी को अवगत कराया तो उन्होंने सारी व्यवस्था की। बूंदी एसपी का यह कृत्य संवेदनहीनता है। - महेश खत्री, पूर्व उपसरपंच खेड़ारसूलपुर

भास्कर एनालिसिस: अगस्त के 19 दिन में 2046 रोगी थे, सितंबर में 2998 मरीज आए

कोरोना के 142 नए रोगी मिले, एक मरीज की मौत
कोरोना का संक्रमण दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। शनिवार को 142 नए कोरोना रोगी मिले हैं। वहीं एक मरीज की माैत हुई। बारां जिले के किशनगंज शाहाबाद क्षेत्र की विधायक निर्मला सहरिया की कोरोना जांच के लिए दोबारा नमूना लिया गया है। फिलहाल वह नमूना देने के बाद अस्पताल से घर चली गई हैं। रेलवे के एक इंजीनियर की पत्नी व रेलवे गुड्स क्लर्क भी कोरोना पॉजिटिव आए हैं।

एमबीएस अस्पताल में कोरोना के 7 नए मरीज मिले हैं। इनमें से 3 इंडोर व 4 आउटडोर मरीज शामिल हैं। दो मरीज ऐसे हैं जो पहले से आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थे। एक मरीज हाई डिपेंडेंसी यूनिट का है, जो कोरोना पॉजिटिव आया है। 4 मरीज एमबीएस के आउटडोर में आए थे। उनकी जांच कराई गई जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए। मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. गिरीश वर्मा ने बताया कि विधायक निर्मला सहरिया का नमूना इनवैलिड पाया गया है। दोबारा से कोरोना जांच के लिए नमूना लिया गया है। वह घर जाने के लिए कह रही थी। उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया।

सितंबर में कुल 2252 मरीज रिकवर हो चुके

काेराेना के लिहाज से सितंबर अगस्त पर भारी पड़ रहा है। अगस्त के 19 दिनाें में जहां कुल 2046 मरीज आए थे वहीं 1 से 19 सितंबर के बीच 2998 मरीज आ चुके हैं। अगस्त में 19 तारीख तक कुल 37 मरीजाें की माैत हुई थी, जबकि सिंतबर में 21 माैत हाे चुकी है। हालांकि राहत की बात ये है कि सितंबर में रिकवरी रेट भी बढ़ा है। 19 अगस्त तक कुल 827 मरीज ठीक हुए थे, जबकि सितंबर में अब तक 2252 मरीज रिकवर हाे चुके हैं।

मरीज
2046 मरीज मिले 1 से 19 अगस्त तक

2998 रोगी आए 1 से 19 सितंबर तक

रिकवर
827 रोगी 1-19 अगस्त तक ठीक हुए

2252 मरीज सितंबर में रिकवर हो चुके

माैत 1 से 19 अगस्त तक 37
1 से 19 सितंबर तक 21



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शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर देते जवान।
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