काेराेना महामारी की वजह से राज्य सहित देशभर में स्कूलाें में बच्चाें की छूट्टियां चल रही हैं। इसके चलते पिछले करीब 6 माह से बच्चाें की पढ़ाई तरह से बंद हाे चुकी है। इसकाे काे देखते हुए शिक्षा विभाग की और से प्रदेश के सरकारी व गैर सरकारी 1 लाख 3 हजार स्कूलाें के 1 कराेड़ 70 लाख बच्चाें के भविष्य काे देखते हुए मिशन ज्ञान और केयर्न फाउंडेशन के साथ डिजिटल शिक्षा काे लेकर देश का पहला पायलट प्राजेेक्ट शुरु किया जा रहा हैं।

खास बात यह कि इससे प्रदेश का एक भी बच्चाें अपने शिक्षण से वंचित नही रह पाएंगा। शिक्षा विभाग की ओर ये किए इस नवाचार काे लेकर निदेशक साैरभ स्वामी के नेतृत्व में पूरी टीम काम कर रही है। अब इसकाे शुभारंभ कराने की तैयारी है। खास बात यह इसमें कक्षा 6 से 12 तक की सभी विषयाें की किताबाें के सभी चैप्टर की ई लाइब्रेरी बनाने के साथ-साथ वीडीयाें के माध्यम से चैप्टर तैयार किए जा रहे है।

इसमें यूटयूब पर चैनल व माेबाइल के साथ-साथ बिना इंटरनेंट के लिए लिए हार्ड डिस्क तक की सुविधा हाेगी। ताकि डिजिटल अध्ययन में किसी भी प्रकार की समस्या नही आए। इसमें मिशन ज्ञान के जिनेंद्र साेनी की टीम भी काम कर रही है। 2019 से ही जिनेंद्र साेनी निशुल्क डिजिटल शिक्षण काे लेकर काम कर रहे है। वेदांता केयर्न ऑयल एंड गैस लिमिटेड की हरमीत सेहरा ने कहा कि प्रोजेक्ट ई कक्षा के जरिए ।

हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उच्च शिक्षा प्रत्येक छात्र तक पहुंचे। इस बारे में शिक्षा विभाग के निदेशक सौरभ स्वामी का कहना है कि काेराेना के चलते स्कूलें बंद हाेने से बच्चाें के शिक्षण पर पड़े प्रभाव के बाद इस प्राेजेक्ट काे लाॅच करने की तैयारी है।

इसमें काफी मेहनत की गई है। ताकि काेई भी चैप्टर पीछे नही रहे। यह प्रदेश के साथ-साथ देश में भी पायलट प्राेजेक्ट के रुप में काम आएंगा। प्रत्येक बच्चें काे अब डिजिटल शिक्षा मिलेगी। खास बात यह कि इंटरनेंट नही हाेने के बाद भी टाॅप टीम हार्डडिस्क के साथ काम करेंगी। इसमें टाॅप एक्सपर्ट की टीम का चयन साक्षात्कार से किया गया है।



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Education department prepared project E class from expert teachers
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