पूजा-पाठ सहित समस्त शुभ कार्यों का सौ गुना फल देने वाला भगवान विष्णु का प्रिय 29 दिनी अधिकमास शुक्रवार से शुरू होगा। यह 16 अक्टूबर तक चलेगा। तीन साल में एक बार आने वाले अधिकमास में मंदिरों में भागवत पारायण, यज्ञ-हवन और अनुष्ठान होंगे। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते मंदिरों के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। इस बार धार्मिक अनुष्ठान का लाभ घर बैठे ऑनलाइन ही ले पाएंगे।

पं अश्वनी मिश्रा ने बताया कि अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। आश्विन मास के साथ अधिकमास का संयोग 19-19 साल के अंतराल में बनता है। इससे पहले 2001, 1982, 1963 में दो आश्विन मास आए थे। 2020 के बाद दो आश्विन मास 2039 में आएंगे। इस बार अधिकमास होने से चातुर्मास भी चार के बजाए पांच माह का हो गया है।
शहर में होंगे ये आयोजन
सुभाष चौक स्थित गोपीनाथ मंदिर : महंत सुरेंद्र गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि अधिकमास में महंत परिवार के द्वारा ही भागवत कथा एवं रामायण के पाठ होंगे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश निषेध ही रहेगा।
महामंदिर रोड स्थित कल्याण मंदिर : महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने बताया कि मंदिर में कोरोना की मुक्ति के लिए हवन-पूजन होगा। भगवान विष्णु की तुलसी दल से आराधना 1008 नामों से होगी। इसमें भक्तों का प्रवेश निषेध रहेगा।
नानी गेट स्थित जानकी वल्लभ मंदिर : पुरुषाेत्तम मास में ओम नमो भगवते वासुदेवाय इस द्वादशाक्षर मन्त्र का प्रतिदिन 108 बार जप करके 108 तुलसी पत्र अर्पण करेंगे। महंत मधुसूदनाचार्य ने बताया कि सप्ताह प्रथम षोडशोपचार पूजा होगी भगवान विष्णु की।



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