कोटा को स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट में शामिल हुए 4 साल हाे गए, लेकिन आज तक केवल दशहरा मैदान काे छाेड़कर ऐसा काेई बड़ा काम पूरा नहीं हुआ, जिससे शहर की स्मार्टनेस बढ़ी हाे। इसका मुख्य कारण रहा कि जब काेटा स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट की दाैड़ में हिस्सा ले रहा था, तब जाे प्लान तैयार किए गए थे, उन्हें बाद में बार-बार बदला गया।
प्राेजेक्ट की कुछ प्रारंभिक याेजनाएं ताे शुरू में ही दम ताेड़ गई। कुछ शुरू हुई, लेकिन बाद में बंद हाे गईं। इन चार वर्षाें में मात्र 105 कराेड़ रुपए के 13 प्राेजेक्ट पूरे हाे पाए हैं। इनमें से 12 प्राेजेक्ट ताे छाेटे हैं। अभी 767 कराेड़ के 22 बड़े प्राेजेक्ट का काम चल रहा है। इनमें 10 से लेकर 80 प्रतिशत कार्य पूरा हाे चुका है और ये अगले वर्ष तक कंप्लीट हाेंगे। 65 कराेड़ के 5 कार्य अभी टेंडर प्राेसेस में हैं। साथ ही 41 कराेड़ के 3 कार्याें की डीपीआर बन रही है। यानी स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट के 979.37 कराेड़ रुपए के कार्य शहर में हाेंगे।
ये कार्य शुरू ताे हुए, लेकिन फेल हाे गए
साइकिल शेयरिंग : पर्यावरण काे बचाने के लिए साइकिल शेयरिंग की याेजना बनी। इसके लिए शहर में स्टैंड भी बनाए गए। साइकिलें भी आई, लेकिन 2 साल तक धूल खाती रही। पूरे शहर में स्टैंड व साइकिल की व्यवस्था नहीं हाे पाई और बीच में ही प्राेजेक्ट डंप हाे गया।
ग्रीन वाॅल : मुख्य सड़काें के किनारे पर ग्रीन वाॅल की याेजना थी। इसके तहत झालावाड़ राेड पर ग्रीन वाॅल बनाई गर्ई, लेकिन वाे खराब हाे गई।
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- पिकनिक सर्किट : 2016 में काेटा काे स्मार्ट सिटी में शामिल करते समय शहरवासियाें काे बताया गया था कि काेटड़ी तालाब काे नया पिकनिक स्पाॅट बनाएंगे। इसे डवलप करके यहां वाटर पार्क, वाटर स्पाेर्ट्स की व्यवस्था की जाएगी। काेटड़ी से सेवन वंडर, किशाेरसागर, सीवी गार्डन, नागाजी का बाग, गाेपाल निवास बाग काे जाेड़ते हुए पूरा पिकनिक सर्किट तैयार हाे जाएगा। काेटड़ी तालाब काे डवलप करने की याेजना फाइलाें में ही दम ताेड़ गई।
- स्मार्ट राेड : इस के तहत ऐसी सड़कें बनाई जानी थी जहां दाेनाें तरफ डक्ट सिस्टम हाे। सड़क किनारे हरितिमा पट्टी और बैठने के लिए बैंच, वाईफाई जाेन सुविधा युक्त सड़क बननी थी। पहले इसे बड़ तिराहे से गाेबरिया बावड़ी तक बनाने की याेजना बनी। फिर इसे अलग-अलग काॅलाेनियाें में बनाने की याेजना बनी। फिर दशहरा मैदान के चाराें तरफ बनाने की याेजना बनी, लेकिन स्मार्ट राेड आज तक नहीं बनी।
यूआईटी-निगम के काम भी स्मार्ट सिटी के बजट से
स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट में बाद में वाे भी काम शामिल कर दिए जिनकी बेसिक जिम्मेदारी नगर निगम और यूआईटी की थी। जिसमें सफाई संसाधनाें की खरीद, अग्निशमन संसाधनाें की खरीद, कचरा ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण, गुमानपुरा फ्लाईओवर आदि कार्य शामिल है।
ये कार्य पूरे हाे चुके
1. दशहरा मैदान का फर्स्ट फेज
2. ई-ऑफिस
3. ग्रीन वाॅल 2 स्थानाें पर
4. इलेक्ट्रिकल बाॅक्स पर पेंटिंग
5. प्राचीन बावडियाें में साेलर पंप
6. स्कूलाें में सेनेटरी वेंडिंग मशीनें
7. स्मार्ट बस शेल्टर
8. बायाे टाॅयलेट
9. सफाई के लिए टिपर की खरीदये कार्य अभी टेंडर प्राेसेस में
1. शहर के लिए 210 नए टिपर की खरीद
2. कचरा डिस्पाेजल के लिए प्लांट लगाना
3. अदालत चाैराहे का डवलपमेंट
4. विवेकानंद चाैराहे का डवलपमेंट
5. घाेड़े वाले बाबा चाैराहे का डवलपमेंट
इन कार्याें की डीपीआर बन रही
1. मल्टीपरपज में स्टूडेंट्स फेसिलिटी सेंटर
2. हेरिटेज दरवाजाें का साैंदर्यीकरण, 3. नाले का डवलपमेंट व बाउंड्रीवाल बनाना।
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