एक महीने से लगातार मंडियों में प्याज की आवक घट रही है, इस वजह से इसके भावों में भी बढ़ोतरी हो रही है। सप्ताहभर पहले से अभी तक प्याज थोक में 10-12 रुपए किलो महंगा हो गया है। इससे एक महीने पहले तो थोक में केवल 15 से 20 रुपए किलो ही बिक रहा था, जबकि शहर में शादियां समारोह सहित अन्य बड़े आयोजन नहीं हो रहे, ज्यादातर होटल-ढाबे बंद पड़े है और अभी तो शारदीय नवरात्र भी चल रहे है, ऐसे में खपत कम होनी चाहिए, लेकिन आवक आधी ही रह जाने के कारण आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसलिए खुदरा विक्रेता 50 से 60 रुपए प्रति किलो में प्याज बेच रहे है। वहीं थोक में भी 30 से 50 रुपए किलाे बिक रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि नासिक में प्याज खेतों में ही ख्रराब हो गया है, इस वजह से आगामी आवक पर भी असर पड़ेगा। हालांकि अभी तो पुराना स्टॉक का प्याज ही आ रहा है। लेकिन इस खराबी का असर अभी से पड़ने लग गया है।
इस वजह से एकाएक प्याज महंगा हो गया है। अलवर व झालावाड़ में प्याज की फसल तैयार लेकिन मंडियों में आवक नहीं बढ़ी:- अलवर व झालावाड़ में प्याज की फसल तैयार तो हो गई, लेकिन मंडियों में सप्लाई नहीं कर पा रहे है। इस वजह नया प्याज बहुत कम आ रहा है।
हरी सब्जियों में सबसे महंगी बिक रही हैं शिमला मिर्च, ग्वारफली, गोभी व टमाटर
प्याज तो महंगा हो ही रहा है, लेकिन पिछले दिनों से महंगी बिक रही हरी सब्जियां अभी तक भी सस्ती नहीं हो पा रही है। मंडी से लेकर शहर की हर गली नुक्कड तक सबसे ज्यादा महंगी शिमला मिर्च जो थोक में 55 से 60, पत्ता गोभी 40 से 45, फूल गोभी 30 से 35, टमाटर 28 से 32 व ग्वारफली 30 से 45 रूपए किलो में बिक रही है। सब्जियां खुदरा में दोगुने दामों तक बेची जा रही है।
सीजनेबल सब्जियां भी शुरू हो गई है, जिनमें मूली, मैथी व हरा धनिया आ रहा है। वहीं इनके अलावा भिंडी 20 से 25, लौकी व बैंगन 8 से 12 रुपए किलो में बिक रही है। जयपुर फल सब्जी थोक विक्रेता संघ अध्यक्ष राहुल तंवर ने बताया कि दीपावली बाद सब्जियों की आवक बढ़ते ही भावों में गिरावट आ जाएगी। अभी मुहाना मंडी में बैंगलुरू से टमाटर, इंदाैर से फूल गोभी, रतलाम से हरी मिर्च, मटर हिमाचल-पंजाब से व ग्वारफली लोकल एरिया से आ रही है।
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