हाईकोर्ट ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में निजी स्कूलों की फीस वसूली मामले में कहा है कि कमेटी की रिपोर्ट आने तक अदालत ही अंतरिम तौर पर फीस को तय करेगी। सीजे इन्द्रजीत महान्ति व जस्टिस एसके शर्मा की खंडपीठ ने यह निर्देश राज्य सरकार व अन्य की अपील पर दिया।


राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि इस शैक्षणिक सत्र की फीस तय करने के लिए कमेटी बना दी है और कमेटी की रिपोर्ट आने तक एक सप्ताह का समय दिया जाए। जिस पर अदालत ने कहा कि तब तक कमेटी अंतरिम फीस तय करे। वहीं स्कूल संगठनों ने कहा कि एकलपीठ ने 70 फीसदी ट्यूशन फीस लेने का निर्देश दिया था । इसलिए कमेटी एकलपीठ के आदेश के खिलाफ आदेश नहीं दे सकती। इसलिए खंडपीठ ही अंतरिम फीस तय करे। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर कमेटी की रिपोर्ट आने तक अंतरिम फीस स्वयं ही तय करने का निर्णय लिया।

दरअसल इस मामले में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने गत 7 सितंबर को स्कूल संचालकों को ट्यूशन फीस का 70 फीसदी वसूल करने की छूट दी थी। एकलपीठ के इस आदेश को राज्य सरकार व अन्य ने खंडपीठ में चुनौती दी है। खंडपीठ ने पिछले दिनों एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए स्कूलों की फीस तय करने के लिए राज्य सरकार को एक कमेटी बनाने का निर्देश दिया था।



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Till the report of the committee, the High Court will decide the interim fees of the schools
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