जैसे-जैसे काेविड रिकवर हाे चुके मरीजाें की संख्या बढ़ रही है, वैसे ही इसके साइड इफेक्ट सामने आ रहे हैं। रिकवर्ड मरीजाें में आंख के पर्दे की नसाें में रुकावट (वास्कुलर ऑकुल्यजन) आ रही है। असल में इस बीमारी से रिकवर हाे चुके रोगियों के शरीर के विभिन्न अंगों जैसे फेफड़ों में होने वाले दुष्प्रभाव के साथ खून में हाइपरकोग्यूलेशन (खून के थक्के जमना) होने के कारण हृदय, ब्रेन, आंख आदि अंगों में भी गंभीर दुष्प्रभाव हो रहे हैं।

वरिष्ठ नेत्र सर्जन डाॅ. सुरेश पांडेय ने बताया कि कोविड से पीड़ित रोगियों में खून में हाइपरकोग्यूलेशन होने के कारण सेंट्रल रेटिनल आर्टरी ऑकुल्यजन (सीआरएओ), सेंट्रल रेटिनल वेन ऑकुल्यजन (सीआरवीओ) जैसे नेत्र रोग देखे जा रहे हैं। इससे आंखों की रोशनी अचानक कम या समाप्त हो सकती है। मेरे पास ऐसे दाे केस आ चुके हैं।
इन 2 मामलों से समझें आंखाें पर कैसे असर डाल रहा काेराेना

साजीदेहड़ा निवासी 68 वर्षीय अनवर हुसैन अपनी दाहिनी आंख से अचानक रोशनी चले जाने की शिकायत लेकर पहुंचे। जांच में पाया कि उनकी दाहिनी आंख में सीआरएओ हो जाने के कारण दिखाई देना बंद हो गया था। अनवर की दाहिनी आंख में एन्टीरियर चैंबर पेरोसेन्टेसिस नामक इमरजेंसी ऑपरेशन भी किया गया। लेकिन उनकी दाहिनी आंख में रोशनी वापस न लौट सकी। अनवर कुछ सप्ताह पहले ही कोविड से उपचार करवाकर निगेटिव हुए हैं।

तलवंडी निवासी 71 वर्षीय मरीज आरसी अग्रवाल अपनी बायीं आंख से कम दिखने की समस्या लेकर आए। रेटिना विशेषज्ञ डाॅ. निपुण बागरेचा द्वारा इनकी गहनता से जांच में बायीं आंख में सीआरवीओ नेत्र रोग पाया गया। अग्रवाल ने बताया वे एक माह पूर्व कोविड का शिकार हुए थे, लेकिन निगेटिव हाे चुके। तभी से आंखों में तकलीफ शुरू हुई । आंखों की ओसीटी जांच करने पर आंख के पर्दे में सूजन (मेकुलर इडिमा) पाया गया, जिसके उपचार के लिए एंटीवेज-एफ इंजेक्शन आंख में लगाया जाएगा।

एक्सपर्ट व्यू: आंखें लाल हाेने, चुभन या पानी आने पर अनदेखी न करें

  • कोविड संक्रमित रोगियों को आंखों में वायरल कन्जेक्टिवाइटिस के कारण आंखें लाल होना, चुभन, पानी आना या काॅर्निया पर सूक्ष्म जख़्म होने के कारण धुंधला दिखने की शिकायत हाे सकती है।
  • काेविड से संक्रमित होने से कुछ समय बाद खून में हाइपर कोग्यूलेशन होने के कारण आंख के पर्दे (रेटिना) की नसाें में रुकावट होने के कारण सेन्ट्रल रेटिनल वेन ऑकुल्यूजन नामक नेत्र रोग हो जाने पर दृष्टि काफी धुंधली हो सकती है।
  • सेंट्रल रेटिनल आर्टरी ऑकुल्यजन के कारण कोविड-19 से पीड़ित रोगियों में कभी-कभी अचानक आंख की रोशनी पूरी तरह भी जा सकती है।
  • ऐसी अवस्था में तत्काल नेत्र सर्जन से परामर्श कर इमरजेन्सी ऑपरेशन द्वारा सेंट्रल रेटिनल आर्टरी में फंसे खून के बारीक थक्के निकल जाते हैं, कभी कुछ रोगियों की रोशनी फिर से लौट सकती है, वरना अधिकांश रोगियों की रोशनी फिर से लौटाना संभव नहीं हो पाता।
  • सीआरवीओ पीड़ित व्यक्तियों में आंख के पर्दे के केंद्रीय भाग में सूजन भी आ सकती है। जिसके उपचार के लिए एन्टीवेज-एफ इंजेक्शन का उपयोग किया जाता है।
  • बेहतर यह है कि महामारी से पीड़ित एवं रिकवर हो चुके सभी रोगी अपनी आंखाें का विशेष ध्यान रखें एवं आंखों में कम दिखाई देने या आंख की रोशनी अचानक चले जाने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।


Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
रिकवर हाेने के बाद कुछ दिनों में सामने आ चुके दो मामले
Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf

Advertisement

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
Top