जिले के दो वीर जवानों का ड्यूटी के दौरान जैसलमेर व उड़ीसा में निधन हो गया। एक का गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, दूसरे की पार्थिव देह शनिवार को गांव पहुंचेगी। भोपालगढ़ के थबुकड़ा निवासी भारतीय थल सेना में सेवारत लांस नायक खिंवसिंह का बुधवार को सुबह जैसलमेर के 25 आयुध कंपनी में हृदय गति रुकने से देहांत हो गया। गुरुवार को उनके पैतॄक गांव थबुकड़ा में अंतिम संस्कार किया गया। जिनको उनके बड़े भाई भोमसिंह और दोनों पुत्र सुरेंद्रसिंह और हेमेंद्रसिंह ने मुखाग्नि दी। साथ ही स्टेशन हैडक्वार्टर की तरफ से जवानों ने सलामी दी।
सरपंच शांतनु सारण और अमर शहीद सेवा समिति जोधपुर के सदस्यों द्वारा पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। ग्रामीणों ने भारत माता की जय ,सैनिक खींवसिंह अमर रहे के गगनभेदी नारों से आसमान को गुंजायमान कर दिया। ग्रामीणों ने अपने लाल खींवसिंह को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। इससे पहले पार्थिव देह के आने पर परिजनों का रो -रो कर बुरा हाल हो गया। वहीं, सैनिक के छोटे भाई बरेली में सेना भर्ती में गए हुए हैं।
जहां पहली पोस्टिंग हुई, वहीं ली आखिरी सांस
बावड़ी. गंगाणी निवासी जल सैनिक ट्रैनर पूसाराम प्रजापत की बुधवार सुबह ड्यूटी के दौरान उड़ीसा के चिल्खा में मौत हो गई। ड्यूटी के दौरान उन्हें घबराहट हुई तो वे सैनिक अस्पताल चैक अप के लिए। वहां जांच के दौरान उनको चक्कर आ गया। नीचे गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। उनकी पार्थिव देह शनिवार सुबह दस बजे तक गांव पहुंचेगी।
ज्ञात रहे कि प्रजापत की यहां 20 दिन पहले ही पोस्टिंग हुई थी। जबकि 1991 में नेवी ज्वाइन करते वक्त यहीं पोस्टिंग हुई थी। अगले वर्ष वे रिटायरमेंट होने वाले थे लेकिन बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार में उनके 5 भाई एवं चार बहनें सहित एक पुत्र एवं दो पुत्रियां है। 6 भाइयों में 4 शिक्षक है। इनका बेटा इंजीनियर है।
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