नगर निगम ने सवा महीने के बाद भी वर्षा काल के दौरान शहर में उपयोग में लिए ढाई लाख मिट्टी के कट्टों के उपयोग स्थल की रिपोर्ट कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा को नहीं सौंपी। कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने नगर निगम से 24 अगस्त को वर्षा काल के दौरान बाढ़ राहत केंद्रों में उपयोग में लिए मिट्टी के कट्टों की रिपोर्ट मांगी थी। निगम की ओर से बाढ़ नियंत्रण कक्षों के लिए 50 लाख रुपए से भी अधिक का बजट स्वीकृत किया गया था।

नगर निगम के अधिकारियों ने कलेक्ट्रेट में 24 अगस्त को विभिन्न विभागों की साप्ताहिक बैठक के दौरान यह जानकारी दी कि वर्षा काल के दौरान शहर में विभिन्न स्थानों पर कटाव होने और गड्ढे पड़ने पर निगम के बाढ़ राहत केंद्रों में 1 जुलाई से 23 अगस्त तक ढाई लाख मिट्टी के कट्टे का उपयोग किया है।

ढाई लाख कट्टों के आंकड़े देकर कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा चौक गए। उन्होंने नगर निगम से ढाई लाख कट्टों के उपयोग स्थलों की रिपोर्ट मांगी । रिपोर्ट मांगने के बाद से नगर निगम के अधिकारी पेशोपेश में है। निगम के सभी आठ जोन में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए थे।

इन केंद्रों पर मंड पंप के अलावा पानी से कटाव रोकने के लिए मिट्टी के कट्टे रखे हुए थे। जिला प्रशासन की ओर से निगम के बाढ़ नियंत्रण कक्ष पर एडीएम साउथ को मॉनिटरिंग की जम्मेदारी सौपी गई थी। एडीएम साउथ शंकर सैनी का कहना है कि अभी तक उन्हें निगम की ओर से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। मामले को लेकर निगम के चीफ फायर ऑफिसर जगदीश फुलवारी का कहना है कि रिपोर्ट तैयार कर ली गई है, आगामी बैठक में रखी जाएगी।



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The Municipal Corporation did not submit the report of the use of two and a half lakh clay pots to the collector even after one and a half months
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