एमडीएसयू प्रशासन काे सुप्रीम काेर्ट के आदेश और यूजीसी के दिशा निर्देशाें के आधार पर कराई जा रही फाइनल ईयर की परीक्षाओं के लिए तीन घंटे के पेपर काे दाे घंटे का करने में मशक्कत करनी पड़ी है। पहले से तीन घंटे की परीक्षा के आधार पर तैयार पेपर प्रिंट भी हाेकर आ गए थे। लेकिन सलाहकार समिति की अनुशंसा के आधार पर इसे दाे घंटे का कर दिया गया है।

लेकिन पेपर में किए गए इस बदलाव काे एकेडमिक काउंसिल में नहीं रखा जा सका है, क्याेंकि राज्य सरकार के समय कम करने के आदेश पेपर प्रिंट हाेने के बाद और एमडीएसयू में एसी की बैठक हाेने के बाद आए थे। सलाहकार समिति की अनुशंसा के आधार पर इसे बाद में एसी में रखना हाेगा।

जानकारी के अनुसार काेविड 19 के कारण परीक्षाएं बीच में ही राेकनी पड़ी थी। बाद में राज्य सरकार ने सभी विद्यार्थियाें काे जनरल प्रमाेशन देने की घाेषणा कर दी थी। लेकिन यूजीसी ने फाइनल इयर की परीक्षाएं कराने की गाइड लाइन जारी कर दी। मामला सुप्रीम काेर्ट में गया था, जहां काेर्ट ने फाइनल इयर की परीक्षाएं कराने के आदेश जारी किए थे। साथ ही राज्य सरकार ने यूजीसी के निर्देशाें के अनुसार एक पेपर की परीक्षा दाे घंटे में पूरी कराने के आदेश भी जारी किए थे।
31 अगस्त को बैठक के बाद आए सरकार के आदेश

एमडीएसयू की परीक्षाएं शुरू हाे चुकी थी और लगभग सभी परीक्षाओं के पेपर प्रिंट हाे चुके थे। फाइनल ईयर की परीक्षा के लिए दाेबारा टाइम टेबल तैयार किया गया, लेकिन दाे घंटे का पेपर करने के लिए प्रशासन के पास वक्त ही नहीं बचा था। पेपर पहले से ही प्रिंट थे और इन्हें दाे घंटे का करने और संशाेधन के लिए बीओएस के बाद एकेडमिक काउंसिल की बैठक में अप्रूव्ड कराना जरूरी था।

यूनिवर्सिटी में एसी की बैठक 31 अगस्त काे हाे चुकी थी और सरकार के आदेश इसके बाद में आए। कुछ दिन बाद घूस कांड का मामला उजागर हाे गया। ऐसे में बदलाव काे एसी में रखा नहीं जा सका।
सलाहकार समिति की अनुशंसा पर संशाेधन

पेपराें में संशाेधन करने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने परीक्षा सलाहकार समिति की अनुशंसा का सहारा लिया। अच्छी बात यह है कि अक्टूबर में पीजी की परीक्षाएं शुरू हाेगी। जिनमें सबसे ज्यादा दिक्कत हाेने वाली थी, लेकिन परीक्षा सलाहकार समिति की अनुशंसा से समस्या का समाधान हाे गया।

ऐसे किया संशाेधन | परीक्षा नियंत्रक प्राेफेसर सुब्रताे दत्ता ने बताया कि पेपर ए बी और सी ग्रुप में बंटा हुआ हाेता है। तीन घंटे के पेपर में विद्यार्थियाें काे ए ग्रुप में 10 सवाल हल करने हाेते हैं। बी ग्रुप में 5 सवाल और सी ग्रुप में 3 यूनिट से 3 सवाल हल करने हाेते थे।

लेकिन सलाहकार समिति ने ए ग्रुप में 10 की बजाय 5 सवाल, बी ग्रुप में 5 की बजाय 2 सवाल और सी ग्रुप से यूनिट काे हटाकर काेई एक सवाल हल करने का तरीका निकाला है। इसी आधार पर 8 अक्टूबर से शुरू हाे रही पीजी की परीक्षा के पेपर हल करने हाेंगे।



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The paper was printed before the order, two-hour question paper on the recommendation of the committee, MDSU administration could not put the proposal in the Academic Council meeting due to delay
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