लवकुश गार्डन के नीचे आमजन के घूमने के लिए छाेड़ी गई जगह पर फिर अवैध निर्माण हाे गया है। गत वर्ष नगर निगम प्रशासन ने यहीं से अवैध निर्माण काे हटवाया था। एक बार फिर ठेकेदार ने नियम विरुद्ध जाकर यहां निर्माण कर लिया। साेमवार काे कुछ लोगाें ने इसकी शिकायत उपायुक्त गजेंद्र सिंह रलावता काे की ताे एक टीम काे मौैके पर जांच के लिए भेजी गई।


जानकारी के अनुसार गत दिनों से यहां लगातार निर्माण कार्य चल रहा है। साेमवार काे कुछ प्रबुद्धजन वहां घूमने गए थे। उन लाेगाें काे चौकीदार ने वहां से बाहर निकाल दिया। लाेगाें का कहना था कि नीचे की जगह सार्वजनिक है। ऐसे में काेई ठेकेदार कैसे किसी काे निकाल सकता है। वहां प्रबुद्धजनों काे निकालने के बाद मामला गरमा गया।

निगम अधिकारियों तक बात पहुंचने पर पता चला कि निगम प्रशासन ने केवल चौपाटी के ऊपर का हिस्सा ठेकेदार काे रेस्टोरेंट चलाने के लिए दिया है, लेकिन ठेकेदार ने नीचे के हिस्से पर भी निर्माण कर लिया। यहां तीन केबिनें बनाई गई है। नियमों के तहत यह जगह आमजन के लिए खुली छाेड़नी थी, लेकिन यहां ठेकेदार ने गेट लगा दिया।

चौकीदार किसी काे अंदर नहीं आने देता। चौपाटी चाराें ओर से कवर हाेगी। ऐसे में यहां पर गेट किस आधार पर लगाया गया है। एक तरफ पहले ही टीन शेड लगाकर रास्ता बंद कर रखा है। इस मामले में पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत ने संभागीय आयुक्त आरुषि मलिक काे पहले ही यहीं के एक मामले की जांच करवाने के लिए ज्ञापन दिया है। इसकी रिपाेर्ट अाना बाकी है। वहीं दूसरी और जांच के लिए भेजी गई टीम ने देर शाम उपायुक्त रलावता काे रिपोर्ट साैंप दी। निगम इस मामले में मंगलवार को कार्रवाई करेगा।



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Wherever the first concrete construction was removed, then the construction was done again
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