जोधपुर विद्युत वितरण निगम के अहमदपुरा जीएसएस में कार्यरत एक तकनीकी सहायक क्लेम भुगतान के लिए 3 वर्ष से विभागीय औपचारिकताओं में उलझा हुआ है। तकनीकी सहायक नरेश वर्मा को 16 फरवरी 2018 को फाल्ट सही करते समय जीएसएस से भूलवश बिजली प्रवाहित कर दिए जाने के कारण करंट लग गया था। इससे उसका एक हाथ बुरी तरह से झुलस गया। जिला चिकित्सालय से उसे प्राथमिक उपचार के बाद राज्यस्तरीय एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर रेफर कर दिया गया। लगभग 3 महीने तक वहां एडमिट रहने के बाद और वहां के तीन चिकित्सकों द्वारा दो सर्जरी कर इलाज किया गया। अब नरेश कुमार में वापस जीएसएस अहमदपुरा में अपनी सेवाएं दे रहा है, परंतु इलाज के खर्च को क्लेम करवाने में कामयाब नहीं हाे पा रहा। नरेश कुमार ने बताया कि विभागीय कार्रवाई की औपचारिकता में चिकित्सकों द्वारा लिखे गए दवाई आदि के बिलों को इकट्ठा करने में भारी परेशानी हो रही है।
तत्कालीन चिकित्सक का अन्यत्र स्थानांतरण हो जाने के कारण उसे दस्तावेज पूर्ण करने में परेशानी हो रही है। विभागीय तौर पर विचारणीय बिंदु यह भी है कि उस दौरान मेडिकल क्लेम पे-स्केल के आधार पर मिलना था। उस दौरान नरेश कुमार के वेतन के हिसाब से क्लेम में भी परेशानी आना संभव है। हालांकि उसका हाथ आज भी पूरी तरह से काम नहीं कर पाता, लेकिन विभागीय औपचारिकताओं में उसका कर्मचारी विद्युत कर्मी क्लेम अटका पड़ा है।
इस संबंध में विद्युत विभाग के एओ हनुमानगढ़ संजय पारीक ने बताया कि कर्मचारी क्लेम में औपचारिकताओं की पूर्ति करना आवश्यक है। विभाग भी कर्मचारी को मेडिकल सुविधा का क्लेम लाभ दिलवाने हेतु प्रयासरत है, परंतु दवाई के बिल सहित सभी दस्तावेज ताे जमा कराने ही हाेंगे। एक्सईएन हनुमानगढ़ आरके गर्ग ने बताया कि तकनीकी सहायक नरेशकुमार की फाइल आते ही उसका तुरंत निस्तारण करने हेतु प्रयास किए जाएंगे, परंतु दस्तावेजाें की पूर्ति करना भी आवश्यक है।
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