अग्रवाल कन्या महाविद्यालय में महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती वन्य जीव सप्ताह के उपलक्ष में ऑनलाइन मोटिवेशनल कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, अग्रवाल शिक्षण संस्थान अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता, महामंत्री पंकज कुमार मंगलम ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व भूतपूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया।

छात्राओं को संबोधित करते हुए एएसपी हिमांशु शर्मा ने कहा कि गांधीजी ने संपूर्ण विश्व को ऊर्जा प्रदान की। साथ ही गांधी जी के द्वारा सत्य और अहिंसा जैसे शाश्वत मूल्यों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि गांधीजी के पास देने के लिए तो कुछ नहीं था परंतु उनके लिए किसी भी कार्य को किया जाना असंभव भी नहीं था लेकिन इसके लिए हमें हमेशा सत्य के साथ नजदीक रहना होगा।

अग्रवाल कन्या कॉलेज में आयोजन, गांधी दर्शन को बताया अहम

छात्राओं को मोटिवेट करते हुए कहा कि मनुष्य को अपनी आवश्यकताओं को सीमित करना चाहिए, जितनी कि जीवन यापन के लिए आवश्यक हो। यदि हम आज गांधी के इस सिद्धांत को अपनाते हैं तो निश्चित ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। छात्राओं को वन्य जीव सप्ताह के अवसर पर प्रकृति से जोड़ते हुए कहा कि यदि हमें जीवन में कोई चीज धोखा नहीं देती है तो वह है प्रकृति, इसलिए हमें प्रकृति को ही मां और ईश्वर मानना चाहिए। संस्थान महामंत्री पंकज कुमार मंगलम ने कहा कि हमें गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को लेकर जो संपूर्ण विश्व को संदेश दिया उसे हमें दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए। शिक्षक प्रशिक्षण प्राचार्य डॉ. वेद पाल सिंह ने कहा कि गांधीजी का व्यक्तित्व और कृतित्व अद्वितीय था।

गांधीजी की मुख्य विचारधारा, शिक्षा दर्शन जिसमें शिक्षा हमेशा रोजगारन्मुख और व्यवसायिक थी। इन्होंने नारी को आगे बढ़ने के लिए अंधविश्वास एवं कुरीतियों से निकलकर समाज में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करने के लिए बल दिया। कार्यक्रम में गांधी दर्शन और स्त्री शिक्षा से नारी सशक्तिकरण, साहित्य, राजनीति, पर्यावरण, प्रकृति संरक्षण के संदर्भ में महाविद्यालय के प्रवक्ता द्वारा एक ऑनलाइन परिचर्चा की गई जिसमें लोक प्रशासन के प्रवक्ता मुनेश कुमार मीणा ने कहा कि गांधीजी का दर्शन राजनीति को समाज सेवा मानते हुए देश को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।

मानव के द्वारा किए गए छोटे छोटे कार्य भी देश के लिए महान सिद्ध हो सकते हैं, बशर्ते कार्य के उद्देश्य में देश प्रेम की भावना समाहित हो। वनस्पति विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. संजय चौबे ने कहा कि गांधीजी के विचार की महत्वता उनके आदर्शों का मूल्यांकन करने से ही होगी तथा वन्य जीव संरक्षण के लिए कहा कि जितना प्रेम हम अपने आप से करते हैं उतना ही प्रेम वन्यजीवों से भी करना चाहिए, तभी प्रकृति में संतुलन स्थापित रह पाएगा। गणित प्रवक्ता अनुराधा शर्मा, संस्कृत प्रवक्ता मधु गुप्ता ने कहा कि यदि महिलाएं पीछे हैं तो पीछे होने का कारण उनका आर्थिक दृष्टि से कमजोर होना है। इसके लिए बुनियादी शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर होने पर बल दिया।

भौतिक विज्ञान और जंतु विज्ञान और समाजशास्त्र प्रवक्ता देवांग पाठक, प्रवीण कुमार व राम प्रसाद बैरवा ने कहा की गांधी दर्शन के सिद्धांतों को महिला की उपलब्धि के लिए आदर्श मानकर जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने इसरो में कार्यरत महिलाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि यह महिलाएं अपनी घरेलू जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ कर देश की उन्नति में अपना योगदान प्रदान कर रही है। प्राचार्य डॉ सत्य प्रकाश मेहरा ने भी संबोधित किया।



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