(पंकज यादव). मेडिकल डिप्लोमा से जुड़ी जाली डिग्रियां देने के मामले में अजमेर जेल में बंद सिराेही के पिंडवाड़ा स्थित माधव विश्वविद्यालय की परीक्षा नियंत्रक डॉ सुधा पांडे के खिलाफ हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हिमाचल के सोलन में मानव भारती विश्वविद्यालय की 103 फर्जी डिग्रियां मिलने के बाद वहां की सरकार की ओर से करवाई गई विशेष जांच और दर्ज मुकदमे में सह अभियुक्तों से हुई पूछताछ मेें यह खुलासा हुआ है कि फर्जी डिग्रियों के 28 पैकेट डॉ. सुधा पांडे अपने साथ ले गई थी।
अब इन पैकेट की बरामदगी सहित पूरे रैकेट के राज जानने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस सुधा पांडे को सोलन ले जाएगी जिसके लिए साेमवार काे हिमाचल पुलिस का दल प्रोडक्शन वारंट लेकर अजमेर आया था। हिमाचल पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अर्जी पेश की जिस पर अदालत ने सिरोही की सक्षम अदालत में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इधर साेमवार काे ही पिंडवाड़ा में अदालत ने डाॅ सुधा की ओर से दायर जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है।
शिमला की सीआईडी विंग के एडिशनल एसपी नरवीर सिंह राठौर ने सोमवार को लोक अभियोजक विवेक पाराशर के जरिये सीजेएम के समक्ष अर्जी पेश कर अजमेर सेंट्रल जेल में बंद डॉ सुधा पांडे को हिरासत में सौंपने और ट्रांजिट रिमांड देने की प्रार्थना की। इस पर अदालत ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए अर्जी सिरोही की सक्षम अदालत मे पेश करने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल पुलिस की अर्जी में बताया गया कि हिमाचल सरकार के प्राइवेट एज्यूकेशनल इंस्टीटयूशन रेग्यूलेटरी कमीशन के चेयरमैन ने 16 अगस्त 2017 को हिमाचल के डीजी पुलिस को गोपनीय पत्र भेजकर 103 फर्जी डिग्रियाें बाबत जांच का आग्रह किया था जो सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय ने जारी की थी। लंबी जांच के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सोलन में 8 मार्च 2020 को अज्ञात लोगों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया।
इस मामले में हिमाचल पुलिस ने राजकुमार राणा सहित मोहित राणा और भारत भूषण को गिरफ्तार कर लिया। राजकुमार राणा साेलन की मानव भारती विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार बताया जाता है और पिंडवाड़ा में माधव विश्वविद्यालय भी इसी का है, जहां हाल ही में जाली डिग्री देने का खुलासा हुआ है और जिसमें डॉ सुधा पांडे को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस को आशंका है इस पूरे रैकेट ने बेरोजगारों से लाखों रुपए लेकर हजारों जाली डिग्रियां बांटी हैं। कई अन्य राज्यों में भी निजी विश्वविद्यालयों से इस गिरोह के तार जुड़े हो सकते हैं। हिमाचल पुलिस के सूत्रों के अनुसार इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए करीब एक दर्जन आईपीएस की टीम जुटी हुई है।
इस तरह पुलिस के हत्थे चढ़ी थी डॉ सुधा
जाली डिग्री काे लेकर सिरोही के पिंडवाड़ा स्थित रोहिड़ा थाना क्षेत्र की माधव यूनिवर्सिटी के तीन छात्राें ने 1 अगस्त 2020 को शिकायत दर्ज करवाई थी। इन युवकों का कहना था कि उन्होंने डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजी की पढ़ाई इस विश्वविद्यालय से की थी और एवज में डेढ़ लाख रुपए फीस ली गई थी। विश्वविद्यालय ने 2017 में डिग्री जारी की लेकिन राजस्थान पैरामेडिकल काउंसलिंग में जब पंजीकरण के लिए आवेदन किया तो पता चला कि विश्वविद्यालय को डिग्री देने की मान्यता ही नहीं है।
इस तरह छल कर लाखों रुपए लेकर फर्जी डिग्री जारी कर दी गई। पुलिस ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार राजकुमार राणा सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में पुलिस ने परीक्षा कंट्रोलर डॉ सुधा पांडे को गिरफ्तार कर अदालती आदेश से जेल भिजवा दिया।
अब राणा के साथ ही डॉ सुधा के तार सोलन के मानव भारती विश्वविद्यालय से जुड़ने के बाद यह मामला गंभीर हो गया है क्योंकि हिमाचल प्रदेश सरकार ने जिस स्तर पर जांच करवाई है उससे हजारों की संख्या में फर्जी डिग्रियों के खेल का पर्दाफाश होने की उम्मीद है। हिमाचल पुलिस अब पिंडवाड़ा स्थित अदालत से आदेश प्राप्त कर डाॅ सुधा काे साेलन ले जाएगी।
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