शीतलहर से रातें सर्द हो गई हैं। रात का तापमान लगातार घट रहा है। एक ही दिन में रात के तापमान में तीन डिग्री गिर गया। इससे गुरुवार को दिन में भी मौसम सर्द बना रहा। अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 7 डिग्री दर्ज किया। बुधवार को न्यूनतम तापमान 9 डिग्री था। हालांकि अधिकतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ाेतरी मिली। दिन में हवा पांच किलाेमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने से सर्द मौसम बना रहा।

वातावरण में आद्रता 76 प्रतिशत रही। सुबह दुर्ग की पहाड़ियों पर धुंध छाई रही। फसलों पर भी ओस की बूंदें बर्फ बन गई। यह इस सप्ताह में दूसरा मौका है जब रात के तापमान में एकसाथ तीन डिग्री की गिरावट आई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से तापमान में गिरावट आ रही है। जिससे दिन का तापमान 30 डिग्री से कम होकर 22-23 डिग्री तक पहुंच गया है। चित्तौड़गढ़ जिला राज्य के उन जिलों में शामिल हैं जहां न्यूनतम तापमान दस डिग्री से कम है। सुबह 10 बजे तक धुंध और ठंडी हवा चली। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि उत्तराचंल में बर्फबारी होने से जिले में शीतलहर का असर दिख रहा है। आने वाले दिनों में रातें खासी सर्द होगी।

अलर्ट: इस सप्ताह तापमान में लगातार गिरावट
मौसम विभाग ने दोहराया कि मौसम पूरी तरह साफ होने के साथ इस हफ्ते अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी। नतीजतन सर्दी बढ़ना तय है। इस सप्ताह रात के तापमान में लगातार गिरावट का संकेत है। कृषि विशषज्ञों के अनुसार कोहरा रबी फसलों के लिए फायदेमंद है।


ठंडी हवाएं चलने से गलन और बढ़ गई
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और उत्तरी हवाओं के मैदानी इलाकों की ओर बढ़ने से कई इलाकों में तापमान में 2-3 डिग्री गिर गया है। कड़ाके की सर्दी का असर मैदानी इलाकों में भी पड़ रहा है।
मौसम शुष्क है, हवा में नमी है, ऐसे में ठंडी हवाएं चलने से गलन और बढ़ गई।


आगे : शीतलहर से तापमान 2 डिग्री और लुढ़केगा, ठिठुरन और बढ़ेगी9 जिलों में येलो अलर्ट, चित्तौड़ में भी रहेगा असर
उत्तरी हवा के प्रभाव से 18 दिसंबर तक प्रदेश के 9 जिले शीतलहर की चपेट में बने रहने की चेतावनी है। सीकर, झुंझुनूं, अलवर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू और नागौर शामिल हैं। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मेवाड़ और खासकर चित्तौड़गढ़ में भी इसका असर रहेगा।


बादल छंटने पर नहीं रहेगा कोहरा, गलन रहेगी
मौसम विशेषज्ञ डाॅ. प्रियंका स्वामी ने बताया कि अफगानिस्तान में विक्षोभ के कारण राजस्थान में साइक्लोन बना है। यह अगर प्रभावी हुआ तो बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है। इसके बाद बादल छंटने लगेंगे, लेकिन पूरी तरह 18 दिसंबर तक स्थिति साफ होगी। इसलिए आर्द्रता में कमी आई है। अगले दाे दिन में बादल पूरी तरह छटेंगे। लेकिन गलन बनी रहेगी। क्योंकि पहाड़ी हवा मंगलवार को 3 किलोमीटर प्रतिघंटा चली। इससे कोहरे के दिन व दिन घना होने के संकेत भी मिलते हैं।



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