कोटा में कोरोना संक्रमण एक बार फिर खतरनाक रूप दिखा रहा है। कोविड हॉस्पिटल में मंगलवार को सबकुछ अमंगल रहा, काेविड हाॅस्पिटल में एक ही दिन में 8 मौतों का नया रिकॉर्ड बना। जिले में 5 अप्रैल काे पहला काेराेना केस आने के बाद से अब तक एक दिन में इतनी मौतें कभी नहीं हुई। मृतकों में 4 कोटा, 2 बूंदी, 1 बारां व 1 झालावाड़ का मरीज है। इस महीने कोटा में कोविड के 64 मरीजों की मौत हो चुकी है।
कोविड हॉस्पिटल के सूत्रों ने बताया कि डीसीएम कोटा निवासी 80 साल की महिला, छावनी निवासी 67 साल की महिला, विज्ञान नगर निवासी 72 साल की महिला, गांवड़ी निवासी 50 साल का पुरुष, तालेड़ा बूंदी निवासी 62 साल का पुरुष, लाखेरी बूंदी निवासी 60 साल का पुरुष, खानपुर झालावाड़ निवासी 65 साल का पुरुष व बारां निवासी 68 साल की महिला की मौत हुई है। मृतकों में ज्यादातर लंबे समय से एडमिट चल रहे थे। भास्कर ने पूरे राज्य में हो रही मौतों के आंकड़े खंगाले तो पता चला कि इस महीने के 22 दिन में कोटा में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार कोटा में 22 दिन में 64 मौतें हुई हैं। इतनी मौतें प्रदेश के किसी भी शहर में नहीं हुईं। हालांकि सरकारी रिपोर्ट के अनुसार कोटा में सिर्फ 28 मौतें हुई हैं। वहीं, दिसंबर में जयपुर में 57, जोधपुर में 40, अजमेर में 29, अलवर में 2 और बीकानेर में 4 मौतें बताई गई हैं।
जेकेलाेन से 3 व एमबीएस से 5 पाॅजिटिव
जेकेलाेन व एमबीएस से भेजे गए 8 मरीजाें के सैंपल पाॅजिटिव मिले हैं। इनमें जेकेलाेन अस्पताल से 3 व एमबीएस हाॅस्पिटल के 5 सैंपल शामिल हैं। इनके अलावा रेलवे व मिलिट्री हाॅस्पिटल का एक-एक सैंपल पाॅजिटिव आया है। नयापुरा बस स्टैंड पर की गई सैंपलिंग में महाराष्ट्र का एक युवक संक्रमित मिला है।
लापरवाही के वायरस से कैबिनेट मंत्री भाया भी संक्रमित
कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया भी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। राज्य सरकार के दो साल पूरे होने पर कोटा में दो दिन पहले हुए कार्यक्रम में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के साथ भाया भी शामिल हुए थे। बारां-झालावाड़ के दौरे पर भी दोनों मंत्री साथ गए थे और कमोबेश सभी जगहों पर भाया बिना मास्क के दिखे, जबकि धारीवाल मास्क लगाए थे।
फार्मासिस्ट भी संक्रमित: कोटा में मंगलवार को 91 नए मरीज आए हैं। यह आंकड़ा जयपुर के बाद सबसे ज्यादा है। राजस्थान में जयपुर में 163 मरीज रिपोर्ट हुए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर 91 मरीजों के आंकड़े के साथ कोटा है। राज्य के दूसरे संक्रमित शहर जोधपुर में मंगलवार को सिर्फ 56 नए मरीज आए हैं। चिकित्सा विभाग के एक फार्मासिस्ट भी संक्रमित मिले हैं, जाे महावीर नगर विस्तार में रहते हैं। सरकारी रिपोर्ट में कोटा में 0 मौत बताई गई है।

वायरस की मारक क्षमता बढ़ी है, अचानक सीरियस हो रहा मरीज
मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रोफेसर व पूर्व प्रिंसिपल डॉ. गिरीश वर्मा के अनुसार कोविड हॉस्पिटल में नए मरीज कम हैं, भर्ती भी कम हो रहे हैं, लेकिन डेथ लगातार हो रही है। पूरी दुनिया अब तक यह नहीं समझ पा रही कि यह वायरस कब कौन सा रूप लेगा? बीते कुछ दिनों में कोटा में मौतें बढ़ी हैं। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि इस वक्त वायरस की मारक क्षमता पहले से ज्यादा है।
मैंने इन दिनों में कुछ मरीज तो ऐसे देखे, जो जवान थे। एक दिन खांसी चली और दूसरे दिन से सांस में तकलीफ शुरू हो गई, हॉस्पिटल में एडमिट किया और 24 घंटे में ही डेथ हो गई। वायरस के म्यूटेशन को लेकर बिना रिसर्च के कुछ भी नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह तो कई देश मान चुके हैं कि इसके रूप बार-बार बदल रहे हैं।
अभी सर्दी है, ऐसे में सामान्य निमोनिया भी होता है, लेकिन वह एंटीबायोटिक से ठीक हो जाता है। इस बीमारी के कई मरीज तो ऐसे हैं, जो 25 से 30 दिन से भर्ती हैं और सारी दवाइयां उन पर बेअसर हैं। इसलिए मेरी तो सभी से अपील है कि लापरवाही नहीं बरतें, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड हाइजीन का विशेष ध्यान रखें।
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