चंबल रिवर फ्रंट के नाम से इस योजना में एक भूमि को शामिल कर 70 पेड़ अमरूद, नींबू के पांच पेड़, टमाटर बैंगन और गेहूं की फसल पर जेसीबी मशीन चलाकर क्षतिग्रस्त करने एवं भूमि पर कब्जा कर निर्माण पर रोक लगाने की मांग को लेकर न्यायालय में दावा पेश किया है।

इस दावे पर न्यायालय सिविल न्यायाधीश मुंसिफ उत्तर कोटा ने जिला कलेक्टर , यूआईटी सचिव, पीडब्ल्यूडी कोटा के अधिशासी अभियंता एवं स्वायत्त शासन मंत्रालय जयपुर के सचिव को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया है। दावे पर सुनवाई 24 दिसंबर को होगी।

वकील अरुण सिंह सोलंकी ने बताया कि बाबा रामदेव मंदिर बापू नगर कॉलोनी कुन्हाड़ी निवासी लल्लू लाल, लक्ष्मी, कृष्णा, तृष्णा, रचना एवं पृथ्वीराज सहित एक ही परिवार के सदस्यों ने दावे ने कहा कि उनकी ओर से भूमि पर 1987 से लगातार कब्जा चला आ रहा है।
भूमि पीडब्ल्यूडी के खाते में दर्ज है। वर्तमान में चंबल रिवर फ्रंट के नाम से योजना आ चुकी है, इसमें उनकी भूमि को इस योजना में शामिल कर लिया है। दावे के अनुसार इसे चंबल रिवर फ्रंट योजना का हिस्सा मानते हुए उन्हें बिना नोटिस दिए जेसीबी मशीन चला दी और फसल तथा पेड़ों को क्षतिग्रस्त कर दिया।



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