शहर में डोर टू डाेर कचरा संग्रहण करने के लिए खरीदे गए हूपराें को चलाने के लिए नगर निगम हेरिटेज व ग्रेटर में ड्राइवर ही नहीं है। खास बात यह है कि पांच करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि से जिस मकसद से हूपर खरीदे गए थे, अभी तक अफसर उसकी योजना ही तय नहीं कर पाए है। दरअसल नगर निगम ने 50 थ्री व्हीलर और 50 फॉरव्हीलर हूपर डाेर टू डोर कचरा संग्रहण करने के लिए खरीदे थे, लेकिन नगर निगम के अफसर इन हूपरों से अभी तक खुद के स्तर पर कचरा संग्रहण करने की कोई प्लानिंग नहीं बनाई है।
ऐसे में आठ माह से 67 हूपर तो गैराज में ही खड़े है। जबकि 33 हूपर नगर निगम ने बीवीजी कंपनी को किराये पर दे रखे है। गैराज में खड़े हूपर अब तो कबाड़ में तब्दील होने लगे है। गैराज में खड़े हूपरों की बेट्रियां चोरी होने से हाल ही में सभी खड़े हूपरों को मानसरोवर गैराज से हेरिटेज नगर निगम के गैराज में खड़े कर दिए है। नगर निगम ने स्मार्ट सिटी के बजट से खुद के स्तर पर दो जोन में डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने के लिए खरीदे थे, लेकिन अभी तक नगर निगम ने काम ही शुरू नहीं किया है। क्योंकि नगर निगम के पास खुद के इतनी संख्या में ड्राइवर नहीं है।
बीवीजी के हूपर ही उठा रहे हैं कचरा
नगर निगम ने डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने के लिए बीवीजी कंपनी को टैंडर दे रखा है। कंपनी के करीब 500 हूपर प्रतिदिन शहर में डाेर टू डोर कचरे का संग्रहण करते है। इसके अलावा कंपनी ने निगम से भी हूपर किराये पर ले रखे है। नगर निगम थ्री व्हीलर हूपर वॉल सिटी की तंग गलियों से कचरे का संग्रहण करने के लिए खरीदे थे, लेकिन आठ माह से एक भी हूपर से कचरे का संग्रहण नहीं किया गया।
^हूपर हेरिटेज नगर निगम के हैं। ऐसे में उनके गैराज में खड़े करा दिए। हूपर चलाने के लिए ड्राइवर तो चाहिए ही। तब ही हूपर चलेंगे और निगम खुद कचरे का संग्रहण कर सकेगी।
- अतुल शर्मा, उपायुक्त गैराज, नगर निगम
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