शहर विधायक का चुनाव लड़ने वाले प्रवीण रतलिया काे शनिवार को सूरजपाेल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वे प्लेटिनम ग्रुप ऑफ काॅलेज के संचालक हैं और आराेप है कि सिरोही के पिंडवाड़ा निवासी छात्र श्रवण काे जीएनएम की फर्जी मार्कशीट दी। काेर्ट ने रतलिया को दाे दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।
थानाधिकारी राम सुमेर के मुताबिक श्रवण प्रजापत ने 21 जनवरी काे देकर बताया कि वह 31 अक्टूबर, 2013 काे गुलाबबाग राेड पर प्लेटिनम कार्यालय पहुंचा, जहां जीएनएम कोर्स के लिए रतलिया ने तीन साल की क्रमश: 65 हजार, 60 हजार व 60 हजार रु. (कुल 185000) फीस बताई। उसका मंदसाैर के पशुपतिनाथ काॅलेज ऑफ नर्सिंग में एडमिशन कराया। श्रवण ने बताया कि बाद में उससे तीन साल में दाे लाख रु. वसूल लिए। प्रथम वर्ष की मार्कशीट में उसका नाम था लेकिन फोटो किसी और का था। रतलिया से शिकायत की तो वो बोले- तुम तो आगे की परीक्षा दो सब ठीक हो जाएगा। श्रवण के अनुसार बाकी के दाे साल की मार्कशीट में भी ऐसी ही गफलत थी। वह रतलिया से मिला तो उन्होंने मारपीट की। पुलिस जांच में सामने आया कि प्लेटिनम ग्रुप ऑफ काॅलेज का रजिस्ट्रेशन ही नहीं है।
चुनाव लड़ने के बाद से ही प्रवीण निशाने पर: परिजन
पिता भंवरलाल रतलिया का कहना है कि विधायक का चुनाव लड़ने के बाद से प्रवीण कुछ लोगों के निशाने पर है। पहले फर्जी डिग्री मामले में फंसाया। अब पुलिस के जरिये प्रताड़ित कर रहे हैं। मार्कशीट फर्जी के आरोप झूठे हैं। उसमें तकनीकी गलती से फोटो बदल गया था, जिसे सुधारने को तैयार हैं। आरोप लगाने वाले छात्र भी दबाव बनाया जा रहा है। गिरफ्तारी ऐसे समय की है, जब छुटि्टयां हैं ताकि जमानत न मिले।
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