मेवाड़ का शौर्य बांचती ‘मायड़ थारो वो पूत कठे, वो महाराणा प्रताप कठे...’ औैर ‘एड़ो म्हारो राजस्थान...’ जैसी कालजयी रचनाएं बुनने वाले राष्ट्रीय कवि माधव दरक का शनिवार सुबह निधन हो गया। वे 86 वर्ष के थे। पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे दरक ने पैतृक गांव केलवाड़ा (कुंभलगढ़) राजसमंद में आखिरी सांस ली। दोपहर में अंत्येष्टि हुई। दरक ने काव्य जीवन यात्रा के दौरान 7 से अधिक गद्य-पद्य पुस्तकें लिखी थीं। इनका प्रकाशन महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउंडेशन ने किया था। शहर के कवियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा- माधव दरक के शब्दों का जादू ऐसा था कि कवि सम्मेलनों के बाद उनका रचना पाठ मोबाइल की रिंग टोन बन जाता था।

कवियों की शब्दांजलि : श्रोताओं में जोश फूंक देता था उनका रचना पाठ

  • कवि अजातशत्रु ने कहा- ये कविवर माधव दरक के शब्दों का जादू था कि उनकी मायड़ थारो वो पूत कठे कविता हर चौथे मेवाड़ी के मोबाइल की रिंग टोन ही बन गई थे। जिस किसी कवि सम्मेलन में उन्होंने अपनी रचना ऐड़ो म्हारो राजस्थान सुनाई, श्रोता जोश से भर उठते और हजारों हाथ तालियों से प्रोत्साहन देते थे।
  • डॉ. देव कोठारी ने कहा कि तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य तुलसी पर ‘आप पधारे जहां तुलसी...’ कविता माधव दरक की बेहतरीन रचनाओं में से एक थे। यह धर्म क्रान्ति का शंखनाद थी। उनकी जैनाचार्य तुलसी कविता तो हर समारोह की शीर्ष शोभा ही सिद्ध हुई। कवि माधव दरक का अवसान मेवाड़ के काव्य जगत की बड़ी क्षति है।
  • डॉ. महेन्द्र भानावत ने कवि माधव के साथ 50 साल के जुड़ाव की यादें ताजा की। उन्होंने कहा- पहली बार 03 जनवरी, 1953 को उन्होंने लेक पैलेस में महाराणा भूपालसिंह को ‘मगरा रे बीच राण कुंभा, कुंभलगढ़ किलो बंधवायो’ कविता सुनाकर 250 रुपए का पुरस्कार पाया था।
  • किशन दाधीच ने कहा कि उनके कण्ठ में मेवाड़ी की मिठास का यह प्रभाव था कि पूरे देश में सर्वाधिक लोकप्रिय जन-जन के चहेते रसदार कवि बने रहे। डॉ. कृष्ण जुगनू, डॉ. ज्योतिपुंज ने भी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

अनूठा था परिचय देने का अंदाज
माधव दरक का मंच पर काव्य पाठ करने से पहले परिचय देने का अंदाज अनूठा था। मंच संभालते ही वे सबसे पहले कहते कि विश्व शिराेमणि महाराणा प्रताप की जन्मस्थली कुंभलगढ़ है। कर्मवीर राणा कुंभा की कर्मस्थली कुंभलगढ़ है। अरे उदयसिंह के प्राण बचाए शरण स्थली कुंभलगढ़ है। कहाे गर्व से कवि माधव तुम्हारी जन्मस्थली कुंभलगढ़ है।
​​​​​



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
माधव दरक
Via Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf

Advertisement

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
Top