राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर की ओर से रविवार को जूनियर इंजीनियर सिविल पदों के लिए (डिप्लोमा व डिग्री ) संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 2020 का आयोजन किया गया। परीक्षा पर कोरोना का असर साफ दिखाई दिया। बोर्ड द्वारा अजमेर में बुलाए 17 320 अभ्यर्थियों से आधे भी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। कोविड-19 को देखते हुए ही इस परीक्षा को स्थगित कराने के लिए पिछले कुछ समय से अभ्यर्थी राज्य सरकार व बोर्ड से आग्रह कर रहे थे।


बोर्ड द्वारा अजमेर में 67 परीक्षा केंद्रों पर इस परीक्षा का आयोजन किया गया। दोनों पारियों में कुल 17320 अभ्यर्थियों को कॉल किया गया था। इसमें से 7648 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 9672 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे । दोनों पारियों का उपस्थिति प्रतिशत 44.33% रहा।
पहली पारी में यह रही स्थिति| पहली पारी में सुबह 10 से शुरू होने वाली थी, लेकिन परीक्षा देने अजमेर से बाहर से आए अभ्यर्थी 7 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे। नागौर, जयपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के अधिकांश अभ्यर्थी निजी वाहनों से ही परीक्षा देने के लिए पहुंचे। कारण, रात्रिकालीन कर्फ्यू के चलते भी अभ्यर्थियों को यहां पहुंचने में परेशानी हुई। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने अभ्यर्थियों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर परीक्षा आयोजित की है।

पहली पारी के लिए 9804 अभ्यर्थी पंजीकृत किए गए थे। इनमें से मात्र 4215 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 5589 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल 42.99 प्रतिशत उपस्थिति रही। पहली पारी में 38 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई। दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई। इसमें डिप्लोमाधारी परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए। कुल 29 केंद्रों पर हुई परीक्षा के लिए 7 हजार 516 अभ्यर्थी पंजीकृत किए गए थे। इनमें से 3433 ही परीक्षा देने पहुंचे जबकि 4083 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल 45.67% उपस्थित हुए।



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Half the candidates did not even reach the Junior Engineer Combined Competitive Examination, the effect of corona on the examination was clearly visible.
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