पीछोला झील में जेटी के लिए पंचदेवरिया घाट तोड़ने और रिंग रोड पर इमारती मलबा डंप करने के खिलाफ भास्कर की मुहिम के बीच अब कोर्ट ने भी सख्ती दिखाई है। एडीजे-4 कोर्ट के पीठासीन अधिकारी धीरज शर्मा ने सोमवार को काेर्ट कमिश्नर नियुक्त कर इस झील में चल रही नावों और जेटियों के बारे में पूछा है।
कमिश्नर मंगलवार को माैका मुआयना कर रिपोर्ट देंगे कि यहां चल रही नावों और जेटियों में कितनी वैध हैं और कितनी अवैध। इनके मालिकों की जानकारी भी दी जाएगी। बता दें कि कोर्ट को यह जानकारी नगर निगम को भी देनी थी, लेकिन उसने नहीं दी। मामले में चांदपाेल निवासी तेजशंकर पालीवाल, जयदीप पालीवाल अाैर मधुबन निवासी अशाेक कुमार पालीवाल ने 6 मार्च को जनहित याचिका दायर की थी।
जिन होटलाें में सड़क से जा सकते हैं, उनके लिए नाव क्यों?
याचिकाकर्ताओं ने अवैध नावों व जेटियों का मामला उठाया था। कोर्ट ने इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन निगम ने पेश नहीं की। पीछोला के अलग-अलग हिस्साें से फालतू बह रहे पानी, इस झील में उतरने वाले क्रूज सहित कई मुद्दे भी कोर्ट में रखे गए थे। अधिवक्ता अशाेक सिंघवी के अनुसार कोर्ट से आग्रह किया गया था कि जिन हाेटलाें तक पहुंचने के लिए सड़क है, उनके लिए पीछोला में नावें और जेटी बंद होनी चाहिए। निगम के रिपाेर्ट पेश नहीं करने पर याचिकाकर्ताओं ने फिर अर्जी लगाई। इसी पर कमिश्नर नियुक्त किया गया।
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