उत्तर नगर निगम बोर्ड की बैठक के एक दिन बाद मंगलवार को दक्षिण नगर निगम बोर्ड की बैठक में भवन विनिमय-2020 के संशोधन के अलावा निगम की आय से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। महापौर वनिता सेठ ने अपने अभिभाषण में उत्तर निगम का ऑफिस दक्षिण निगम में शिफ्ट करने का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार एक वर्ष में उत्तर निगम का नया भवन बनाए ताकि दक्षिण निगम बेहतर तरीके से अपने कार्य संचालित कर सके। हाल ही में आयुक्त की ओर से डीएलबी को पत्र लिखकर दक्षिण निगम में नगरीय विकास कर (यूडी टैक्स) से होने वाली आय में से 20% फीसदी हिस्सा राशि 5 वर्ष तक उत्तर निगम में हस्तांतरित करने के मांगे मार्गदर्शन पर भी बोर्ड ने प्रस्ताव पारित कर असहमति जता दी है।

उत्तर व दक्षिण निगम में राजस्व व संसाधनों को लेकर खींचतान पर मंगलवार को सदन में इससे संबंधित प्रस्ताव लाकर विराम लगा दिया। बोर्ड बैठक में अधिकांश प्रस्ताव निगम की आय से जुड़े थे। इन प्रस्तावों के माध्यम से दक्षिण निगम ने दो टूक शब्दों में अपनी मंशा स्पष्ट कर दी कि वो अपनी आय के स्त्रोत से हुई कमाई का उपयोग दक्षिण क्षेत्र के वार्डों में विकास कार्यों पर ही खर्च करेंगे। उत्तर निगम को इसमें से हिस्सा राशि नहीं देंगे।


जब महापौर ने अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर चर्चा शुरू की तो पिछले बोर्ड में मुख्य सचेतक रहे पार्षद प्रदीप बेनीवाल ने पिछले एक साल में दक्षिण निगम में हुए अवैध निर्माण व अतिक्रमण का मुद्दा पूरी ताकत से उठाया। उन्होंने टिनशेड की आड़ में पनपे शोरूम, रेस्टोरेंट व व्यावसायिक निर्माण कार्यों की मौका फोटो दिखाते हुए इसके लिए जिम्मेदार अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रस्ताव रखा।

इस पर महापौर ने भी चिंता जताई तो आयुक्त रोहिताश्व सिंह तोमर ने बैठक में ही बैठे-बैठे अतिक्रमण निरोधक दस्ते को कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए और दस्ते ने भाटी चौराहा पर निर्माणाधीन 15 दुकानों को सीज कर दिया।

बैठक व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग - वरिष्ठता से बिठाया

महापौर ने पार्षद प्रदीप बेनीवाल के साथ दो दिन पहले आयुक्त व ओएस सुबोध शंकर व्यास के साथ सभागार में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पार्षदों के बैठने की व्यवस्था की। जहां 5-6 पार्षद बैठ सकते थे, उस पर सिर्फ 3-3 पार्षद ही बिठाए। बैठक व्यवस्था भी वरिष्ठता व उम्र के लिहाज से की गई।

टेबलों पर संबंधित पार्षद व जनप्रतिनिधियों की नाम पटि्टका भी लगाई गई। महापौर ने आयुक्त रोहिताश्व सिंह तोमर को डीएलबी की तरफ से कोविड काल में किए गए प्रयासों व जनजागरूकता अभियान पर प्रशंसा पत्र देने पर गीता भेंटकर बधाई दी।

महापौर ने लिए ये संकल्प

  • स्वच्छता व प्रकाश की व्यवस्था सुदृढ़ करना। {बासनी व शास्त्रीनगर फायर स्टेशन को आधुनिक तैयार करना। {पार्कों में ग्रीन स्पेस, झूले व आेपन जिम का निर्माण। {कच्ची बस्तियों में सफाई, सीवरेज व सड़क निर्माण को प्राथमिकता से पूरा करवाना। {सड़क, पेचवर्क, नाली-नालों का निर्माण व नई सीवर लाइन बिछाने का कार्य करवाना।

नारे लगाते कांग्रेसी निकले सदन से बाहर

करीब सवा घंटे तक चली बोर्ड बैठक में जोधपुर शहर विधायक मनीषा पंवार के साथ सभागार में पहुंचे कांग्रेस पार्षद दल ने पहले तो बैठक व्यवस्था को लेकर कड़ा विरोध जताया और बाद में किसान आंदोलन को सांकेतिक समर्थन देने के लिए इसे 2 घंटे तक स्थगित करने की मांग रखी। जब महापौर वनिता सेठ ने इसे अनदेखा करते हुए निगम अफसरों से परिचय देने का कहा तो कांग्रेसी पार्षद नाराजगी जताते हुए सभागार से बहिर्गमन कर गए। हालांकि महापौर चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने वाली वार्ड नंबर 70 से बतौर निर्दलीय जीती आरती आर्य प्रतिपक्ष लॉबी में अकेली बैठी रहीं।
आय से जुड़े ये हैं 3 खास प्रस्ताव

1 इंद्रा राजपुरोहित के चुंगी पुनर्भरण राशि का पुनर्निधारण 7वें वेतन के आधार पर करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित।
2 पार्षद रामस्वरूप प्रजापत ने दक्षिण की आय का हिस्सा उत्तर में हस्तांतरित नहीं करने और उप महापौर किशन लड्ढा ने यूडी टैक्स से होने वाली आय का हिस्सा उत्तर निगम को बिना बोर्ड के अनुमोदन के हस्तांतरण करने के प्रस्ताव पर असहमति जताने का प्रस्ताव पारित कर दिया।
3 पार्षद दीपक माथुर ने इन सभी संशोधनों का पुन: मॉडल राजस्थान नगरीय क्षेत्र (जोधपुर दक्षिण) भवन विनिमय-2020 में समावेश करते हुए राजकीय गजट में प्रकाशन करने के प्रस्ताव को कांग्रेस पार्षदों की अनुपस्थिति में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
चौहान नेता प्रतिपक्ष, सारण उप नेता बनाए गए
महापौर ने बैठक की शुरुआत में पार्षद गणपतसिंह चौहान को नेता प्रतिपक्ष और पार्षद आईदानराम सारण को सदन में उप नेता बनाने पर बधाई दी। इनके नाम की घोषणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने की।
20 पार्षदाें ने सदन में उठाई समस्याएं
महापाैर ने बाेलने का अवसर दिया ताे भाजपा के 15-20 पार्षदाें ने बरसाती नालाें के साथ-साथ कच्ची बस्तियां, अवैध निर्माण, अतिक्रमण, ड्रेनेज, सीवरेज, सड़क व नाली व मेनहाेल की समस्याआें काे भी उठाया। इनमें इंद्रा भाटी, रेवतसिंह इंदा, विक्रमसिंह पंवार, अमरलाल वर्गी, पायल जानयानी, दीपक माथुर, याेगेश व्यास, घनश्याम भाटी, पूजा राठी आदि शामिल थे।

सभागार में भास्कर की खबर की चर्चा, पार्षद ने भास्कर का जताया आभार

पार्षद मोहित ओझा ने निर्वाचित बोर्ड की सहमति बगैर उत्तर का ऑफिस दक्षिण निगम में शिफ्ट करने को लेकर भास्कर के सोमवार को प्रकाशित अंक की कॉपी सदन में दिखाते हुए इस मामले को जनता के बीच लाने पर आभार जताया। ओझा ने प्रस्ताव रखते हुए कहा कि कोरोना काल में सभी विभागों में मितव्ययता बरतने के निर्देश के बावजूद उत्तर निगम ऑफिस को पहले सोजती गेट स्थित पुराने भवन में शिफ्ट करने पर करीब 50 लाख खर्च किए और अब दक्षिण में उत्तर निगम महापौर-उप महापौर व अफसरों के कमरों पर 15 से 20 लाख खर्च जा रहे हैं। इसके लिए दक्षिण महापौर से बिना बात किए शिफ्ट करने का निर्णय सरासर गलत है।



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