राजधानी में जहांं कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 56 हजार 400 के पार हो गया है, वहीं संक्रमण की रफ्तार पर अब ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है। पॉजिटिविटी रेट में गिरावट आने के साथ मरीजों के ठीक होने की दर का ग्राफ बढ़ रहा है। गिरफ्त में आने के बाद महामारी से अब तक 52 हजार जंग जीतकर ठीक हो चुके है।
एक दिसंबर को जहां मरीजों की ठीक होने की दर 80 फीसदी थी, वो अब बढ़कर 92 फीसदी हो गई है। यानि 12 फीसदी बढ़ी है। एक दिसंबर को रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या 38 हजार 562 से बढ़कर अब 51 हजार 986 हो चुकी है। इसी तरह से एक्टिव केस (ऐसे मरीज जिनका इलाज चल रहा है) की संख्या 9462 से घटकर अब 3 हजार 881 तक हो गई है। यानि ढ़ाई गुना कम हो गई है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.सुधीर भंडारी, एसएमएस अस्पताल के मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉ.रमन शर्मा के अनुसार रिकवरी का बढ़ना और एक्टिव केसेज का घटने का कारण ये है कि जैसे-जैसे वायरस कम्यूनिटी में एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे में इस तरह से लोगों को संक्रमित करता है। ऐसे में वायरस की तीव्रता कमजोर पड़ती जाती है। दूसरा ऐसा हो सकता है कि हर्ड इम्यूनिटी विकसित हो गई है। वर्ष 2002 में चीन में सॉर्स वायरस एक-दो साल ही रहा था। श्वांस रोग वाला मर्स वायरस 2012 से 2015 तक कम पैमाने पर ही था।
रिकवर का बढ़ता ग्राफ
दिनांक रिकवर एक्टिव
1 दिसंबर 38562 9462
2 दिसंबर 39165 9467
3 दिसंबर 39764 9454
4 दिसंबर 40420 9343
5 दिसंबर 41035 9225
8 दिसंबर 42935 8735
9 दिसंबर 43562 8506
10 दिसंबर 44117 8314
11 दिसंबर 44907 7884
12 दिसंबर 45599 7470
13 दिसंबर 46209 7152
14 दिसंबर 46799 6814
15 दिसंबर 47594 6374
16 दिसंबर 48334 5885
17 दिसंबर 49182 5340
18 दिसंबर 49980 4805
19 दिसंबर 50445 4543
20 दिसंबर 50846 4339
21 दिसंबर 51369 3995
22 दिसंबर 51634 3892
23 दिसंबर 51784 3909
24 दिसंबर 51986 3881
ईएसआई अस्पताल में केवल 5 संक्रमित भर्ती
सरकार की ओर से अजमेर रोड स्थित ईएसआई कोविड अस्पताल में एक सप्ताह से 8 से 10 मरीज भर्ती हो रहे है। और दो दिन से तो अस्पताल में कोविड के मात्र 5 मरीज ही भर्ती है। ईएसआई कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ.रामबाबू शर्मा व अस्पताल अधीक्षक डॉ.बनारसी दास के अनुसार महामारी को देखते हुए 130 बैड का कोविड अस्पताल बनाया है।
लेकिन सोश्यल डिस्टेसिंग की पालना, मास्क लगाकर बाहर निकलना ओर हाथ धोने के लिए सेनिटाइजर का इस्तेमाल करना जैसे कारणों से पहले की तुलना में केसेज घट रहे है।
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