महाराष्ट्र और गुजरात के तट पर पहुंच रहे निसर्ग तूफान की आहट मंगलवार को भरतपुर में शाम को महसूस की गई। शाम को अंधड़ चला और बारिश भी हुई। इससे अगले तीन दिन आंधी और बारिश की संभावना है।
इसके अलावा 5 जून से मानसून के सक्रिय होने की संभावना है। इधर, नौ तपा गुरुवार को अलविदा हो जाएगा। बुधवार को नौ तपा का आखिरी दिन है। इस साल शहर में नौ तपा खंडित हो गया है, यानी नौ तपा के दौरान बारिश हुई है। इस साल मई में 70.7 मिलीमीटर बरसात हुई है। मान्यता है कि नौ तपा के दौरान यदि बारिश हो जाती है तो मानसून अच्छा नहीं रहता। लेकिन, बीते 10 साल में 3 साल नौ तपा के दौरान बारिश होने के बाद भी मानसून अच्छा रहा। मौसम विभाग ने इस साल भी सामान्य बारिश होने की बात कही है। इसलिए मंगलवार को भी अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री कम रहा। मंगलवार को दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, अरब सागर में लो प्रेशर एरिया बनने से आर्द्रता 78 प्रतिशत दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 23.2 और हवा की गति 3 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। नौ तपा के दौरान बारिश होने पर रोहिणी को गलना कहा जाता है। पिछले दस साल में वर्ष 2011, 2013 और 2017 में भी रोहिणी गली थी। इस साल 28 से 31 मई तक लगातार बारिश का दौर रहा। जिसका असर अभी तक बना हुआ है। केरल पर मानसून ने दस्तक दे दी है।
इसलिए माना जा रहा है कि अब 5 जून के बाद फिर आंधी, बारिश का दौर प्रारंभ हो जाएगा। मौसम विशेषज्ञ आरके सिंह का कहना है कि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से नमी बनी हुई है। मानसून तूफानी रफ्तार से बुधवार को महाराष्ट्र और गुजरात में आएगा। इसका असर पूर्वी राजस्थान पर भी आ रहा है।
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